किसान पुत्र कॉमरेड अमराराम चौधरी ने झुकाया भाजपा सरकार को

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किसान पुत्र कॉमरेड अमराराम चौधरी ने झुकाया भाजपा सरकार को

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"आखिर कौन है किसानों का मसीहा अमराराम अध्यापक की नौकरी छोड़कर आज अमराराम पुरे प्रदेश के किसानों का महारथी बाहुबली बन गया सीकर जिले के धोद तहसील के मुंडवाडा ग्राम के किसान परिवार में जन्मा अमराराम कॉलेज शिक्षा के दौरान ही छात्र राजनीति से सक्रिय रूप से SFI से श्री कल्याण काॅलेज से सन् 1978 में अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था उस के बाद काॅलेज शिक्षा पुरी कर के सरकारी स्कूल में अध्यापक बन गए सरकारी नौकरी राज नही आई तो नोकरी छोड़कर गांव के सरपंच का चुनाव लड़ा परन्तु विजय नही रहा फिर चुनाव लड़ा फिर विजय श्री रहे । सरपंच रहते हुए गांव के साथ साथ धोद विधानसभा क्षेत्र में किसान नेता के रूप में अपनी पहचान बना चुके अमराराम ने धोद विधानसभा क्षेत्र से सन् 1993 में माकपा पार्टी से विधायक का चुनाव लड़ा और चुनाव जीत गए उन दिनो अमराराम सीकर क्या राजस्थान में माकपा से इकलौते विधायक बने उसके बाद सांसद का चुनाव भी लड़ा परन्तु बात नही बनी । अमराराम माकपा से धोद विधानसभा क्षेत्र से तीन बार लगातार चुनाव जीते चुके है । छः छः बार जीत चुके महारथीयों को अमराराम ने हराया था । धोद विधानसभा क्षेत्र को AC सीट करने से फिर अमराराम ने सन् 2008 में दांतारामगढ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और चुनाव जीत गए । अमराराम अब तक चार बार विधायक बन चुके है । विधायक रहते हुए अमराराम ने कई विकास कार्य करवाये थे । समय समय पर किसानों के हक के लिए हमेशा तैयार रहते हुए कई आंदोलन किये है । अमराराम किसानों के साथ बेटकर हुका चिल्म पिते हुए कभी देख सकते है कोई युही नही बनता है किसानों का राष्ट्रीय अध्यक्ष कुछ तो बात है इस राम में जो किसानों के इतने बड़े महापड़ाव को शांति पूर्वक सभी मांगे मनवाकर समाप्त किया । इस बार के एतिहाशिक किसान आंदोलन में अमराराम का साथ किसान नेता हनुमान बेनीवाल, ड़ॉ किरोड़ीलाल मीणा ,भगीरथ सिंह नैण, नरेंद्र थालोड़ , महिपाल महला ,जयवीर गोदारा सहित बहुत सारे किसान व जाट समाज के सभी संगठनों ने इस किसान नेता का साथ दिया जिसकी वजह से केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार को झुककर इस लड़ाई को जीत सके जिससे किसानों के चेहरे पसन्दीत हुए। अमराराम कई बार कर चुके है ऐसे बड़े पैमाने पर आंदोलन हर बार अपनी जायज मांगो को मनाकर ही दम लेते है । अध्यापक की नौकरी छोड़कर आज अमराराम पुरे प्रदेश के किसानों के मसीहा बन चुके है ।"